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Sufinama
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नूर बिहारी

बिहार, भारत

नूर बिहारी के अशआर

ख़बर अपनी नहीं रखते ख़बर ग़ैरों की क्या रखें

कि आ’शिक़ मा-सिवा-ए-यार से बे-ज़ार बैठे हैं

गए मय पीते हुए आलम-ए-असरार से हम

मस्त जन्नत में गए ख़ान:-ए-ख़ुमार से हम

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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