Font by Mehr Nastaliq Web
Sufinama
noImage

सब्र देहलवी

दिल्ली, भारत

सब्र देहलवी के अशआर

ईमान दे के मोल लिया इ'श्क़-ए-फ़ित्ना-गर

बाज़ी लगा के जीत का घर देखते रहे

ईमान दे के मोल लिया इश्क़-ए-फ़ित्ना-गर

बाज़ी लगा के जीत का घर देखते रहे

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

Recitation

बोलिए