सब्र लखनवी का पूरा नाम मुंशी अ’ब्दुल ग़नी है| हज़रत रज़ा फ़िरँगी महली लखनवी के शागिर्द और किताब अफ़्साना-ए- आशिक़-ए-दिल-गीर उ’र्फ़ शीरीं फ़रहाद बित्तस्वीर के मुसन्निफ़ हैं। उन्हों ने इस किताब की तालीफ़ में काफ़ी अ’र्क़-रेज़ी की है।
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