शाह मियाँ तुराब दकनी के अशआर
जहाँ आवाज़ ना-महरम का आवे
वो तौबा कर वहाँ सूँ अटली जावे
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टैग : आवाज़
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere