अहमद रज़ा ख़ान के अशआर
ऐ जान-ए-मन जानान-ए-मन हम दर्द-ओ-हम दरमान-ए-मन
दीन-ए-मन-ओ-ईमान-ए-मन अम्न-ओ-अमान-ए-उम्मताँ
-
टैग : अम्न
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
अर-रूहो फ़िदाका फ़ज़िद हरक़ा यक शो'ला दिगर बर्ज़न इ’श्क़ा
मोरा तन मन धन सब फूँक दिया ये जाँ भी पियारे जला जाना
-
टैग : इश्क़
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
अर-रूहो फ़िदाका फ़ज़िद हरक़ा यक शो'ला दिगर बर-ज़न इश्क़ा
मोरा तन मन धन सब फूँक दिया ये जाँ भी पियारे जला जाना
-
टैग : आ’शिक़
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere