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अमीनुद्दीन वारसी

- 1927 | लखनऊ, भारत

रुहानी शाइ’र और “वारिस बैकुंठ पठावन” के मुसन्निफ़

रुहानी शाइ’र और “वारिस बैकुंठ पठावन” के मुसन्निफ़

अमीनुद्दीन वारसी के ना'त-ओ-मनक़बत

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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