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Hayat Warsi's Photo'

हयात वारसी

सिलसिला-ए-वारसिया से अ’क़ीदत रखने वाला शाइ'र

सिलसिला-ए-वारसिया से अ’क़ीदत रखने वाला शाइ'र

हयात वारसी के अशआर

मिरे सय्याद को बा-वस्फ़-ए-असीरी है ये ख़ौफ़

मैं क़फ़स में भी बना लूँगा गुलिस्ताँ कोई

इस क़दर याद है बस इ'श्क़ की रूदाद 'हयात'

जैसे देखा था कभी ख़्वाब-ए-परेशाँ कोई

शीशे में हसीं बादा-ए-गुल-फ़ाम हसीं है

मय-ख़ाना-ए-इस्लाम का हर जाम हसीं है

ज़ुल्फ़ों का तसव्वुर सलामों की है बारिश

मजबूर ग़म-ए-इ’श्क़ की हर शाम हसीं है

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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