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नज्म काकवी

1919 | कराची, पाकिस्तान

उर्दू और अंग्रेज़ी ज़बान के अदीब-ओ-शाइ’र और कराची यूनीवर्सिटी के रजिस्ट्रार

उर्दू और अंग्रेज़ी ज़बान के अदीब-ओ-शाइ’र और कराची यूनीवर्सिटी के रजिस्ट्रार

नज्म काकवी की ग़ज़लें

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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