क़ैसर शाह वारसी के अशआर
मेरी ख़ुशी ख़ुशी नहीं मेरा अलम अलम नहीं
मुझ को हँसा गया कोई मुझ को रुला गया कोई
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इधर तो आँखों में आँसू उधर ख़याल में वो
बड़े मज़े से कटी ज़िंदगी जुदाई में
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टैग : जुदाई
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मिरा इ‘श्क़ मंज़र-ए-आ’म पर तिरा हुस्न पर्दा-ए-राज़ में
यही फ़र्क़ रोज़-ए-अज़ल से है तिरे नाज़ मेरे नियाज़ में
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टैग : इश्क़
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आज तो 'क़ैसर'-ए-हज़ीं ज़ीस्त की राह मिल गई
आ के ख़याल-ओ-ख़्वाब में शक्ल दिखा गया कोई
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टैग : ख़्वाब
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गुल तिरे गुलशन है तेरा सब बहारें हैं तेरी
आशियान-ओ-बर्क़ सब कहते हैं अफ़्साना तिरा
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टैग : गुल
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मक़ाम-ए-रहमत-ए-हक़ है तिरे दर की ज़मीं वारिस
अदा हो जाए मेरा भी कोई सज्दा यहीं वारिस
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टैग : अदा
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गुल तिरे गुलशन है तेरा सब बहारें हैं तेरी
आशियान-ओ-बर्क़ सब कहते हैं अफ़्साना तिरा
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टैग : गुलशन
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न वो होश है न वो बे-ख़ुदी न ख़िरद रही न जुनूँ रहा
ये तिरी नज़र की हैं शोख़ियाँ ये कमाल है तिरे नाज़ में
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टैग : ख़ुदी
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इधर तो आँखों में आँसू उधर ख़याल में वो
बड़े मज़े से कटी ज़िंदगी जुदाई में
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टैग : आँसू
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कभी तन्हाई-ए-मंज़िल से जो घबराता हूँ
उन की आवाज़ ये आती है कि मैं आता हूँ
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टैग : आवाज़
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बे-ख़ुदी की यही तकमील है शायद ऐ दोस्त
तू जो आता है तो मैं होश में आ जाता हूँ
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टैग : ख़ुदी
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere