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अज्ञात के अशआर
नहीं थी इ’ल्म कू वहाँ कुछ तमीज़
ओ इज्माले वहदत में पाया अ’ज़ीज़
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टैग : इल्म
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere