Sufinama
Amir Khusrau's Photo'

अमीर ख़ुसरौ

1253 - 1325 | दिल्ली, भारत

ख़्वाजा निज़ामुद्दीन औलिया के चहेते मुरीद और फ़ारसी-ओ-उर्दू के पसंदीदा सूफ़ी शाइ’र, माहिर-ए-मौसीक़ी, उन्हें तूती-ए-हिंद भी कहा जाता है

ख़्वाजा निज़ामुद्दीन औलिया के चहेते मुरीद और फ़ारसी-ओ-उर्दू के पसंदीदा सूफ़ी शाइ’र, माहिर-ए-मौसीक़ी, उन्हें तूती-ए-हिंद भी कहा जाता है

अमीर ख़ुसरौ

ग़ज़ल 1

 

शे'र 9

कलाम 23

दोहा 9

'ख़ुसरव' रैन सुहाग की जागी पी के संग

तन मेरो मन पीव को दोउ भए एक रंग

  • शेयर कीजिए

सेज सूनी देख के रोऊँ दिन रैन

पिया पिया कहती फिरूँ पल भर सुख नहि चैन

  • शेयर कीजिए

गोरी सोवै सेज पर मुख पर डारै केस

चल 'ख़ुसरव' घर आपने रैन भई चहुँ देस

  • शेयर कीजिए

देख मैं अपने हाल को रोऊँ ज़ार-ओ-ज़ार

वै गुनवंता बहुत हैं हम हैं अवगुण-हार

  • शेयर कीजिए

वो गए बालम वो गए नदिया किनार

आपे पार उतर गए हम तो रहे एही पार

  • शेयर कीजिए

पहेली 26

फ़ारसी कलाम 21

फ़ारसी सूफ़ी काव्य 55

पुस्तकें 68

वीडियो 199

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो

उस्ताद सारंग

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

मनजरी चतुर्वेदी

साबरी ब्रदर्स

साबरी ब्रदर्स

फरीद अयाज़

ग़ुलाम अली

असद अमानत अली ख़ान

शाहीदा परवीन

पंडित विट्ठल राओ

शफ़क़त अली ख़ान

मालिनी अवस्थी

शंकर शम्भू

मुंशी रज़ीउद्दीन

पंडित विट्ठल राओ

शुजात हुसैन ख़ान

ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान

ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान

उस्ताद बाहाउद्दीन ख़ाँ क़व्वाल

असद अमानत अली ख़ान

नहीद अख़्तर

अज़ीज़ अहमद ख़ान वारसी

डॉ. काज़ी बुराहनुद्दीन सईदी

साबरी ब्रदर्स

शंकर शम्भू

समिता बेल्लूर

छाया गांगुली

तौसीफ़

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल

प्रताप नारायण

फरीद अयाज़

उस्ताद सारंग

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

मालिनी अवस्थी

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

उस्ताद बाहाउद्दीन ख़ाँ क़व्वाल

राहत फ़तेह अली ख़ान

मेंहदी हसन

राम संपत

छाया गांगुली

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

वजाहत हुसैन ख़ान

शोभा गुर्तू

साबरी ब्रदर्स

वजाहत हुसैन ख़ान

मुंशी रज़ीउद्दीन

नहीद अख़्तर

मेहनाज़ बेगम

मेंहदी हसन

मुंशी रज़ीउद्दीन

शंकर शम्भू

ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान

इक़बाल बानो

फ़तेह अली ख़ान

ताहिर अली, माहिर अली

अ'ब्दुल हफ़ीज़ आरफ़ी

आज बधावा साजन के घर ऐ मैं वारी रे

वारसी ब्रदर्स

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

राहत फ़तेह अली ख़ान

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

रईस मियां

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

जुनैद सुलतानी

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

सरफ़राज़ चिश्ती

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

अ'ज़ीज़ मियां

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

आबिदा परवीन

आज रंग है ऐ महा-रंग है री

फरीद अयाज़

ऐ चेहर:-ए-ज़ेबा-ए-तू रश्क-ए-बुतान-ए-आज़री

ऐ चेहर:-ए-ज़ेबा-ए-तू रश्क-ए-बुतान-ए-आज़री

फरीद अयाज़

ऐ चेहर:-ए-ज़ेबा-ए-तू रश्क-ए-बुतान-ए-आज़री

फरीद अयाज़

कफ़िर-ए-इ’श्क़म मुसलमानी मरा दरकार नीस्त

सुबहान अहमद निज़ामी

काहे को ब्याहे बिदेस

ख़बरम रसीदः इमशब कि निगार ख़्वाही आमद

ख़ुर्शीद बानो

गुफ़्तम कि रौशन चूँ क़मर गुफ़्ता कि रुख़्सार-ए-मनस्त

घर नारी गँवारी चाहे जो कहे

फरीद अयाज़

चश्म-ए-मस्ते अ’जबे ज़ुल्फ़-ए-दराज़े अ’जबे

मुरली राजू

चश्म-ए-मस्ते अ’जबे ज़ुल्फ़-ए-दराज़े अ’जबे

राहत फ़तेह अली ख़ान

चश्म-ए-मस्ते अ’जबे ज़ुल्फ़-ए-दराज़े अ’जबे

राहत फ़तेह अली ख़ान

चश्म-ए-मस्ते अ’जबे ज़ुल्फ़-ए-दराज़े अ’जबे

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

छाप तिलक सब छीनी

निज़ामी बंधु

छाप तिलक सब छीनी

साचेत परमपरा

छाप तिलक सब छीनी

फरीद अयाज़

छाप तिलक सब छीनी

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

छाप तिलक सब छीनी

छाप तिलक सब छीनी

छाप तिलक सब छीनी

असीस कौर

छाप तिलक सब छीनी

मैथ्ली ठाकुर

छाप तिलक सब छीनी

लता मंगेश्कर और बैजू मंगेश्कर

छाप तिलक सब छीनी

फ़ना फ़ि अल्लाह क़व्वाल

छाप तिलक सब छीनी

आबिदा परवीन

छाप तिलक सब छीनी

जब यार देखा नैन भर

कविता सेथ

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

जाँ ज़े तन बुर्दी-ओ-दर जानी हनूज़

फरीद अयाज़

जाँ ज़े तन बुर्दी-ओ-दर जानी हनूज़

नज्मुद्दिन सैफ़ुद्दिन और ब्रदर्स

जाँ ज़े तन बुर्दी-ओ-दर जानी हनूज़

नज्मुद्दिन सैफ़ुद्दिन और ब्रदर्स

जो पिया आवण कह गए अजहूँ न आए

जगजीत सिंह

जो मैं जानती बिसरत हैं सैय्याँ

फरीद अयाज़

जो मैं जानती बिसरत हैं सैय्याँ

फरीद अयाज़

तोरी सूरत के बलिहारी

फरीद अयाज़

दय्या री मोहे भिजोया री

रघु दीक्षित & बिंधुमालिनी

दिलम दर आ'शिक़ी आवारः शुद आवार:-तर बादा

फ़तेह अली ख़ान

दीवान: शुदम दर आरज़ूयत

हाजी महबूब अ'ली

दीशब कि मी-रफ़्ती अ’याँ रू कर्द: अज़ मा यक तरफ़

ज़िशान फ़ैज़ान साबरी

नमी-दानम चे मंज़िल बूद शब जाए कि मन बूदम

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

नमी-दानम चे मंज़िल बूद शब जाए कि मन बूदम

ओवैद रज़ा क़ादरी

नमी-दानम चे मंज़िल बूद शब जाए कि मन बूदम

फरीद अयाज़

बख़ूबी हम-चु मह ताबिंद: बाशी

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

बहुत कठिन है डगर पनघट की

फरीद अयाज़

बहुत कठिन है डगर पनघट की

हबीब पेंट्र

बहुत कठिन है डगर पनघट की

असलम साबरी

बहुत दिन बीते पिया को देखे

फरीद अयाज़

बहुत दिन बीते पिया को देखे

निज़ामी बंधु

बहुत दिन बीते पिया को देखे

फरीद अयाज़

बहुत रही बाबुल घर दुल्हन

हमसर हयात, अतहर हयात

मन कुंतो मौला

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

मन कुंतो मौला

अ'ज़ीज़ मियां

मन कुंतो मौला

आबिदा परवीन

मन कुंतो मौला

अमजद बल्तिस्तानी

मन कुंतो मौला

जावेद बशीर

मन कुंतो मौला

मन कुंतो मौला

फ़ना फ़ि अल्लाह क़व्वाल

मन कुंतो मौला फ़-हाज़ा अलीयुन मौला

अ'ज़ीज़ मियां

मन कुंतो मौला फ़-हाज़ा अलीयुन मौला

अमजद बल्तिस्तानी

मोरे पिया घर आए

मोरे पिया घर आए

नि़ज़ामी ब्रॉदर्स

मोरे पिया घर आए

फरीद अयाज़

मोरा जोबना नवेलरा भयो है गुलाल

कंकणा बनर्जी

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले

अ'ब्दुल हफ़ीज़ आरफ़ी

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले

नियाज़ी निज़ामी ब्रदर्स

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले

राजु मुर्ली

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले

फरीद अयाज़

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले

गायत्रि असोकन

सकल बन फूल रही सरसों

वारसी ब्रदर्स

सकल बन फूल रही सरसों

हज़रत-ख़्वाजा संग खेलिए धमाल

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

हज़रत-ख़्वाजा संग खेलिए धमाल

फरीद अयाज़

हज़रत-ख़्वाजा संग खेलिए धमाल

नुसरत फ़तेह अली ख़ान

हर शब मनम फ़तादः ब-गिर्द-ए-सराए तू

फरीद अयाज़

हर शब मनम फ़तादः ब-गिर्द-ए-सराए तू

अ'ब्दुल हफ़ीज़ आरफ़ी

संबंधित ब्लॉग

 

संबंधित सुफ़ी शायर

"दिल्ली" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

Jashn-e-Rekhta | 2-3-4 December 2022 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate, New Delhi

GET YOUR FREE PASS
बोलिए