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चादर1
सेहरा1
सलाम1
मुख़म्मस2
गीत2
अकबर वारसी मेरठी के अशआर
उस आँख से जिस आँख ने मख़मूर दो-आ’लम किए
मेरी तरफ़ भी देखना मौला-अ’ली मुश्किल-कुशा
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टैग : आँख
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जो तुम्हारी बात है है वो ज़माना से जुदा
शोख़ियाँ ईजाद करते हो बड़े उस्ताद हो
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टैग : उस्ताद
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निकल कर ज़ुल्फ़ से पहुँचूँगा क्यूँकर मुसहफ़-ए-रुख़ पर
अकेला हूँ अँधेरी रात है और दूर मंज़िल है
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टैग : अँधेरा
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कभी दैर-ओ-का'बः बता दिया कभी ला-मकाँ का पता दिया
जो ख़ुदी को हम ने मिटा दिया तो वो अपने-आप में पा गए
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टैग : ख़ुदी
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सँभालो तो तुम अपनी तेग़-ए-अदा को
मिरी जाँ-देही के हुनर देख लेना
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टैग : अदा
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वफ़ाएँ याद करके वो बहा जाते हैं रोज़ आँसू
रहेगा हश्र तक सरसब्ज़ सब्ज़ः मेरी तुर्बत का
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टैग : आँसू
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न पूछो पता 'अकबर'-ए-ग़म-ज़दः का
कहीं होगा थामे जिगर देख लेना
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टैग : ग़म
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आप के फ़ैज़ से बहर-ए-फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा
मौजज़न मौजज़न मौजज़न हो गया
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टैग : ख़ुदा
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कहा उस ने कि 'अकबर' किस के आशिक़ हो कहा मैं ने
तुम्हारी प्यारी आदत का तुम्हारी भोली सूरत का
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टैग : आ’शिक़
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मैं हमेशा असीर-ए-अलम ही रहा मिरे दिल में सदा तेरा ग़म ही रहा
मिरा नख़्ल-ए-उम्मीद क़लम ही रहा मेरे रोने का कोई समर न मिला
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टैग : असीर
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लिखी क्या ना'त है अल्लाहु-अकबर
ख़ुदा-ए-पाक महशर में जज़ा दे
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टैग : ख़ुदा
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अदा ग़म्ज़े करिश्मे इश्वे हैं बिखरे हुए हर-सू
सफ़-ए-मक़्तल में या क़ातिल है या अंदाज़-ए-क़ातिल है
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टैग : क़ातिल
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तुझ से मिलने का बता फिर कौन सा दिन आएगा
ई’द को भी मुझ से गर ऐ मेरी जाँ मिलता नहीं
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टैग : ईद
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कम नहीं गुलशन में शबनम गुल-बदन गुल-पैरहन
ग़ुस्ल कर मल-मल के गर आब-ए-रवाँ मिलता नहीं
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टैग : गुलशन
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कहूँ क्या कि गुलशन-ए-दहर में वो अजब करिश्मे दिखा गए
कहीं आशिक़ों को मिटा गए कहीं लन-तरानी सुना गए
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टैग : गुलशन
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जैसी चाहे कोशिशें कर वाइ'ज़-ए-बातिन-ख़राब
तेरे रहने को तो जन्नत में मकाँ मिलता नहीं
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टैग : जन्नत
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सब तमाशे आप में हैं देख लो और छोड़ दो
कोह की तफ़तीश बन कर फ़िक्र-ए-गुलशन की तलाश
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टैग : गुलशन
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गर दिल में चश्म-ए-बीना हो बुत-ख़ाना हो या का'बा हो
घर घर में हैं उस के दर्शन सुब्हान-अल्लाह सुब्हान-अल्लाह
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टैग : घर
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रहज़न-ए-ईमान तू जल्वा दिखा जाए अगर
बुत पुजें मंदिर में मस्जिद में ख़ुदा की याद हो
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टैग : ईमान
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जमाल-ए-आ’रिज़-ए-ताबाँ दिखा दे
मरीज़-ए-ग़म को क़ुरआँ की हवा दे
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टैग : ग़म
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जुदाई में लब ख़ुश्क हैं चश्म तर हैं
इधर भी शह-ए-बहर-ओ-बर देख लेना
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टैग : जुदाई
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बिठाएँगे आँखों में दिल में तुझे हम
पसंद आए जो तुझ को घर देख लेना
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टैग : घर
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सितम को छोड़ बद अच्छा बुरा बदनाम दुनिया में
जफ़ा के साथ तेरा नाम ऐ क़ातिल निकलता है
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टैग : क़ातिल
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सैर कर दे अब कि गुलशन-बीं है हंगाम-ए-बहार
हम असीरों की रिहाई अब तो ऐ सय्याद हो
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टैग : गुलशन
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पस-ए-मुर्दन तो मुझ को क़ब्र में राहत से रहने दो
तुम्हारी ठोकरों से उड़ता है ख़ाका क़यामत का
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टैग : क़ब्र
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यही ख़ैर है कहीं शर न हो कोई बे-गुनाह इधर न हो
वो चले हैं करते हुए नज़र कभी इस तरफ़ कभी उस तरफ़
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टैग : गुनाह
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अब इजाज़त दफ़्न की हो जाए तो जन्नत मिले
यार के कूचे में हम ने जा-ए-मदफ़न की तलाश
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टैग : जन्नत
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हरे कपड़े पहन कर फिर न जाना यार गुलशन में
गुलू-ए-शाख़-ए-गुल से ख़ून टपकेगा शहादत का
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टैग : गुलशन
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जो ख़ुदा कहूँ तो ख़ुदा नहीं जो जुदा कहूँ तो जुदा नहीं
कोई नुक्तः हम से छुपा नहीं हमीं पेच-ओ-ताब में आ गए
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टैग : ख़ुदा
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अब इजाज़त दफ़्न की हो जाए तो जन्नत मिले
यार के कूचे में हम ने जा-ए-मदफ़न की तलाश
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टैग : इजाज़त
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मेरे सर को मेरे दिल को मेरी आँखों को रहे
तिरे दर की तेरे घर की तेरे आँगन की तलाश
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टैग : घर
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है बारीक तार-ए-नज़र से ज़्याद
दिखाई न देगी कमर देख लेना
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टैग : कमर
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जल्वे से तिरे है कब ख़ाली फल फूल फली पत्ता डाली
है रंग तिरा गुलशन गुलशन सुब्हान-अल्लाह सुब्हान-अल्लाह
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टैग : गुलशन
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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere